मध्यप्रदेश में सरकार के दो साल पर कांग्रेस का आरोप, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह बोले कि शहर बदहाल, सिस्टम फेल, जनता बेहाल

DR. SUMIT SENDRAM

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर पत्रकारवार्ता में कांग्रेस ने नगरीय विकास व स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकारवार्ता में पूर्व नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने सरकार के कार्यकाल को विफलताओं का प्रतीक बताया।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा के दो साल उपलब्धियों के नहीं, बल्कि नगरीय संस्थाओं को कमजोर करने और योजनाओं को ठप्प करने के रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के शहरों में वर्षों से मास्टर प्लान तक लागू नहीं किया गया, जिससे भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहर अव्यवस्था का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने नगरीय परियोजनाओं में अनियमितताओं के उदाहरण गिनाते हुए कहा कि भोपाल के सुभाष नगर फ्लाईओवर में 90 डिग्री का खतरनाक मोड़ भारतीय सड़क मानकों का उल्लंघन है, जहां उद्घाटन के बाद दर्जनों हादसे हो चुके हैं।
रायसेन जिले में पुल निर्माण के दौरान ढहने और घटिया सामग्री उपयोग के आरोप लगाते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता नियंत्रण नहीं है।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कम ऊंचाई वाले पिलर्स के कारण अब सड़कों की दोबारा खुदाई कर अतिरिक्त खर्च किया जा रहा है।
वही, उज्जैन की लैंड पूलिंग योजना को विफल बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विरोध के बाद सरकार को योजना वापस लेनी पड़ी।
पत्रकारवार्ता में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने सतना में बच्चों को एचआईव्ही संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले को गंभीर अपराध बताया।
उन्होंने कहा कि यह सिस्टम की विफलता है, क्योंकि ब्लड बैंक की स्क्रीनिंग और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह नाकाम रही। भूरिया ने आरोप लगाया कि मार्च-अप्रैल में रिपोर्ट आने के बावजूद सरकार ने मामले को लंबे समय तक दबाए रखा।
विक्रांत भूरिया ने आगे कहा कि प्रभावित बच्चे थैलेसीमिया पीड़ित और गरीब परिवारों से हैं, जिन्हें अब जीवनभर इलाज और सामाजिक-आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने छिंदवाड़ा और इंदौर के अन्य स्वास्थ्य मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल असुरक्षित होते जा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर आपराधिक कार्रवाई की जाए, पीड़ित बच्चों को जीवनभर मुफ्त इलाज और मुआवजा दिया जाए तथा ब्लड बैंकों और नगरीय परियोजनाओं का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
पत्रकारवार्ता के दौरान दोनों कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और नगरीय विकास व स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर जनता की आवाज बनेगी।

 

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