भोपाल। प्रदेश में कड़ाके की ठण्ड से फिलहाल राहत है, पिछले दो दिनों में न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री बढ़ा है। दिन में धूप निकल रही है, लेकिन जनवरी के आखिरी सप्ताह में ठंड फिर तेज हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक 21 जनवरी से मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उत्तरी एमपी में बादल और हल्की बारिश के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठण्ड के बीच अब लोगों को थोड़ी राहत महसूस हो रही है। पिछले दो दिनों में न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री तक बढ़ा है। दिन में धूप निकलने से ठिठुरन कम हुई है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणालियों के गुजरने के बाद उत्तर से ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा।
इस समय प्रदेश के ऊपर दो प्रमुख मौसम तंत्र सक्रिय हैं। एक ओर पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और दूसरी ओर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण कई जिलों में बादल छाए हुए हैं।
इसी बीच 21 जनवरी को एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश कर सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि 23 जनवरी के बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में मौसम बिगड़ सकता है। इस सिस्टम का असर मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।
वहीं, ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल अगले चार दिनों तक किसी तरह का अलर्ट नहीं है, लेकिन आने वाला पश्चिमी विक्षोभ तीव्र हो सकता है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।


