निजी स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, कई बच्चे घायल

गुना। जिले के प्राइवेट स्कूल वंदना कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल में सप्ताह की शुरुआत एक अप्रत्याशित और भयावह घटना के साथ हुई। सोमवार सुबह जब छात्र-छात्राएं रोज की तरह प्रार्थना सभा के लिए स्कूल परिसर में एकत्रित हो रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने उन पर हमला कर दिया। देखते ही देखते शांत माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही प्रार्थना शुरू होने वाली थी, परिसर में स्थित एक पेड़ से मधुमक्खियों का झुंड तेजी से नीचे आया और बच्चों, अभिभावकों व स्कूल स्टाफ पर टूट पड़ा।
इस अचानक हुए हमले से बच्चे बुरी तरह घबरा गए। अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
अफरा-तफरी के इस माहौल में कई बच्चे गिर भी पड़े, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
घटना में करीब 35 से अधिक लोग मधुमक्खियों के डंक से घायल हुए, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे शामिल हैं। स्कूल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत स्कूल के चिकित्सा कक्ष में पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों के अभिभावकों को तुरंत सूचना देकर उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि कुछ को नजदीकी अस्पताल में भी उपचार के लिए ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत अब खतरे से बाहर है।
वही, सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।
अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से विस्तृत जानकारी ली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान कुछ अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अपने बच्चों से तुरंत मिलने नहीं दिया गया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।
हालांकि, स्कूल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उस समय प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और स्थिति को नियंत्रित करने की थी।
घटना के बाद स्कूल परिसर में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बताया गया कि 35 से अधिक बच्चों अभिभावकों और स्कूल स्टाफ को मधुमक्खियों ने काट लिया। बाद में हालात सामान्य होने पर स्कूल की छुट्टी घोषित कर दी गई और सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया।
स्कूल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि परिसर में मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते को जल्द ही हटवाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते छत्ते को हटाया गया होता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।

 

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