उज्जैन। भले ही अभी सिंहस्थ कुंभ में दो वर्षो का समय बाकी हो, लेकिन धर्मनगरी उज्जैन में अभी से कुंभ जैसा माहौल दिखाई देने लगा है।
प्रसिद्ध संत टाटम्बरी सरकार (श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर रामदास जी त्यागी) अपने करीब 20 संतों के साथ उज्जैन पहुंचे हैं।
संत तपती गर्मी के बीच सिर पर पात्र रखकर बैठे हैं, जिनमें कंडे धधक रहे हैं। वे चारों ओर धूनी रमाकर कठोर तपस्या कर रहे हैं।
संतों के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके ठहराव स्थल पहुंच रहे हैं।
निनोरा निवासी सोनू शर्मा के खेत में नर्मदा पुराण कथा चल रही है, संत इसी आयोजन में शामिल होने पहुंचे हैं।
गौरतलब है कि संत 40 डिग्री के तापमान में पंच धूनी के बीच बैठकर जाप कर रहे हैं।
जहां, आम लोगों के लिए दोपहर में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं, संत खुले आसमान के नीचे साधना में लीन हैं।
ध्रुव दास त्यागी ने बताया कि सभी संत रोजाना तड़के तीन बजे उठ जाते हैं। पूजा-पाठ और दैनिक कार्यों के बाद संत धूनी रमाकर तपस्या शुरू करते हैं।
उन्होंने बताया कि संसार के कल्याण के लिए यह विशेष अनुष्ठान चार माह तक चलेगा, जिसका समापन गंगा दशहरा पर किया जाएगा।
आयोजको के मुताबिक संत टाटम्बरी सरकार वर्ष 1992 से निनोरा में धार्मिक आयोजन करते आ रहे हैं। इस बार वे नर्मदा पुराण कथा में शामिल होने पहुंचे हैं। 3 मई से शुरू हुई कथा का समापन शनिवार को हो रहा है। शाम को विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु शामिल हो रहे है।


