ग्वालियर। मंगलवार देर रात डबरा-ग्वालियर हाईवे पर तेज रफ्तार कार बिजली के खम्बे से टकराकर पलट गई। कार में आग लगने से दो दोस्तों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में पीछे सीट पर बैठा तीसरा युवक बच गया। घटना अर्रु तिराहे के पास हुई।
जानकारी के मुताबिक तीन दोस्त ग्वालियर में शादी समारोह में शामिल होने के बाद डबरा लौट रहे थे। कार की डिक्की में पटाखे रखे थे। बिजली लाइन से निकली चिंगारी के कारण बारूद ने आग पकड़ ली। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मैं सो रहा था। तभी अचानक तेज आवाज सुनाई दी। कमरे से बाहर निकलकर देखा तो एक कार पलटी हुई थी। एक व्यक्ति बाहर खड़ा था और कुछ ही देर में आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। कार से चिंगारियां उठ रही थीं। बिजली का तार टूटकर गाड़ी पर गिर गया था।
अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि करंट फैलने का डर था, इसलिए कोई पास नहीं जा पा रहा था। लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी। डायल-112 पर भी कॉल किया, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं पहुंची। लोग लगातार बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन चिंगारियां बढ़ती जा रही थीं। देखते ही देखते कार में भीषण आग लग गई।
मृतकों की पहचान छतरपुर निवासी अवधेश विश्वकर्मा (32) और रामजी सोनी (33) के रूप में हुई। अवधेश फाइनेंस का काम करते थे। उनकी ससुराल शिवपुरी के बामोर में है। अविनाश झा उनके साले हैं। ग्वालियर में अविनाश के दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए वे छतरपुर से शिवपुरी आए थे।
शिवपुरी से अविनाश, अवधेश और रामजी कार से ग्वालियर गए थे। लौटते समय उन्होंने शादी की आतिशबाजी में बचे पटाखे कार में रख लिए। अवधेश कार चला रहे थे। उन्हें नींद का झोंका आया और कार बिजली के पोल से टकरा गई। हादसे में पोल बीच से टूट गया और 11 केवी लाइन कार पर गिर गई।
हादसा कुक्कू ढाबा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ। 10 मिनट के फुटेज में कार बिजली के पोल से टकराती दिखाई दे रही है।
घटना देखकर दूसरी कार में सवार लोग मौके पर पहुंचे। वे कार में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश करते हैं।
हादसे के करीब ढाई मिनट बाद कार से चिंगारी निकलती है। डर के कारण लोग पीछे हट जाते हैं। कार में फंसे अवधेश विश्वकर्मा और रामजी सोनी बाहर नहीं निकल सके। दहशत के कारण कोई भी ज्यादा देर तक कार के पास नहीं जा सका।
एक युवक ने कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश भी की। करीब साढ़े 6 मिनट बाद फिर चिंगारी निकली और लोग दोबारा दूर हो गए। करीब 10 मिनट बाद कार से तेज लपटें उठने लगीं।
टक्कर के बाद कार के आगे के दोनों दरवाजे लॉक हो गए थे, लेकिन पीछे के गेट खुल गए। अविनाश पीछे बैठे थे। वह बाहर गिर गए, जिससे जान बच गई। वहीं अवधेश और रामजी कार में ही फंस गए। अविनाश और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
सूचना मिलने पर डायल-112 और अन्य वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल हो चुकी थी। सुबह कार के अंदर से दोनों युवकों के कंकाल बरामद हुए।
अवधेश विश्वकर्मा की दो साल पहले शादी हुई थी। उनका 9 महीने का बेटा है। वही, रामजी सोनी सोने-चांदी का व्यापार करते थे।


