35 जिला अस्पतालों में प्रारम्भ होगी इकोकार्डियो ग्राफी एवं कलर डॉप्लर की सुविधा, हृदय रोगियों की जांच होगी आसान, अभी केवल मेडिकल कॉलेजों में है सुविधा

भोपाल। प्रदेश के जिला अस्पतालों में पहुंचने वाले रोगियों को इकोकार्डियो ग्राफी एवं कलर डॉप्लर के लिए अब मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल या निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। इसके लिए 35 जिला अस्पतालों में इकोकार्डियो ग्राफी अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रारम्भ होने जा रही है।
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरेशन ने मशीनों की खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके लिए निविदा भी जारी की गई है।
यह मशीन स्थापित होने से हृदय की धमनियों में रक्त की आपूर्ति, किडनी, लिंफ नोड व अन्य अंगों की कलर डॉप्लर से जांच कर नसों में अवरोध और गठानों का पता लगाया जा सकेगा।
यह सुविधा प्रारम्भ होने से दिल के रोगियों को भी लाभ मिलेगा। हृदय में ब्लाकेज पता करने के लिए इको जांच की आवश्यकता होती है। अभी यह सुविधा नहीं होने से रोगियों को कई बार गंभीर हालत में पास के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल या निजी अस्पताल भेजना पड़ता है।
निजी अस्पतालों में अलग-अलग इको जांच का शुल्क डेढ़ से दो हजार रुपये तक है।
अब जिला अस्पतालों में यह सुविधा रोगियों को फ्री मिल सकेगी।
इस मशीन से किडनी को रक्त की आपूर्ति, थायराइड ग्रंथि, पैरों में नसों का गुच्छा बनना (वेरिकोस वेन्स), किसी भी अंग में रक्त का प्रवाह पता किया जा सकता है।
कई बार सर्जरी के पहले भी चिकित्सक कलर डाप्लर कराने की सलाह देते हैं पर सुविधा नहीं होने से रोगियों को मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर तक जिला अस्पतालों में मशीनें लग जाने की उम्मीद है। अस्पताल अधीक्षकों को जगह चिह्नित करने के लिए कहा गया है।

Next Post

जेब कटने से बचाइए, जेनेरिक दवाएँ खाइए, मोगली पलटन की कछुआ चाल निकाली गई साइकल रैली

सीधी। ऋषिकेश फ़ाउण्डेशन की बाल सेना मोगली पलटन द्वारा रविवार सुबह कछुआ चाल साइकल रैली आयोजित की गयी। रैली के विषय में ऋषिकेश फ़ाउण्डेशन के प्रवक्ता रहीस गुप्ता ने बताया कि ऋषिकेश फ़ाउण्डेशन द्वारा अप्रैल 2024 से अगले एक वर्ष तक मिशन रामबाण चलाया जाएगा। मिशन रामबाण का उद्देश्य जेनेरिक […]