भोपाल। प्रदेश में नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में घूमना एक अक्टूबर से महंगा हो जाएगा।
सरकार ने मौजूदा प्रवेश टिकट फीस में दस फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। विदेशी पर्यटकों को भारतीय पर्यटकों की बजाय दोगुनी टिकट फीस देनी होगी। प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों एवं बाघ अभयारण्यों में भ्रमण के लिए प्रवेश टिकट की बुकिंग एमपी ऑनलाइन के माध्यम से होती है।
प्रदेश के ज्यादातर टाइगर रिजर्व में सोमवार से शुक्रवार तक छह लोगों के प्रवेश पर 2400 रुपए और शनिवार-रविवार को 3000 रुपए प्रवेश शुल्क लिया जाता है।
एक अक्टूबर से इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। इसके बाद पर्यटकों को क्रमशः 240 और 300 रुपए अधिक चुकाने पड़ेंगे।
इसमें जिप्सी का किराया शामिल नहीं है। जिप्सी के लिए पर्यटकों को अलग-अलग पार्क में 2000 से 3500 रुपए तक अतिरिक्त देने पड़ते हैं। वहीं विदेशी पर्यटकों को दो गुना शुल्क चुकाना पड़ता है।
प्रदेश सरकार ने 22 अक्टूबर 2024 को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें मैहर जिले के मुकुंदपुर वाइट टाइगर सफारी, भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान और इंदौर के रालामंडल अभयारण्य के प्रवेश शुल्क में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी।
इसी अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया था कि प्रदेश के सभी संरक्षित क्षेत्रों (नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व) के प्रवेश शुल्क में हर तीन साल में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह नीति 2025-26 से प्रभावी हो रही है। इसलिए एक अक्टूबर से सभी नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में घूमना महंगा हो जाएगा।
मानसून के कारण प्रदेश के सभी संरक्षित क्षेत्रों में तीन माह (जुलाई से सितंबर) पर्यटन बंद रहेगी। इसके दो कारण हैं। पहला तो यह ब्रीडिंग सीजन है और दूसरा बारिश के कारण नदी-नालों में काफी पानी रहता है। बारिश के कारण जंगल के रास्ते भी खराब हो जाते हैं। ऐसे में पर्यटन कराना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए 1 जुलाई से 30 सितंबर तक सभी पार्क बंद कर दिए जाते हैं। यानी 1 अक्टूबर को इन पार्कों में फिर से पर्यटन शुरू होगा।


