“उज्जैन-इंदौर रोड सिक्स लेन प्रोजेक्ट” प्रारम्भ करने के लिए कंपनी को भेजा अनुबंध करने का पत्र, 46 किमी का हिस्सा बनेगा सिक्स लेन

उज्जैन। ‘उज्जैन-इंदौर रोड सिक्स लेन प्रोजेक्ट’ प्रारम्भ करने के लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने 15 प्रतिशत बिलो रेट पर काम करने को तैयार उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी को कार्य अनुबंध करने काे पत्र भेज दिया गया है। लिखा है कि 12 अगस्त तक अनुबंध कर काम शुरू करें।
जानकारों का कहना है कि समय सीमा में अनुबंध कर भी लिया तो धरातल पर काम दो से तीन महीने बाद ही प्रारम्भ हो पाएगा। क्योंकि, साइट क्लियर करने में इतना समय तो लग ही जाएगा।
गौरतलब है कि सिक्स लेन मार्ग उज्जैन में स्थित हरिफाटक पुल से इंदौर में स्थित अरविंदो अस्पताल के सामने तक बनेगा। कुल लंबाई 46.475 किलोमीटर होगी। मुख्य सड़क डामर की बनाई जाएगी। आबादी क्षेत्र में क्षेत्रीय रहवासियों के सुरक्षित आवागमन के लिए अलग से सीमेंट-कांक्रीट की एप्रोच रोड बनाई जाएगी।
मार्ग में 8 फ्लाई ओवर, 70 कलवर्ट बाक्स बनाए जाएंगे।
उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज तिराहा और सिंहस्थ बायपास मार्ग (शांति पैलेस चौराहा) क्षेत्र में भी फ्लाई ओवर ब्रिज एवं सर्विस रोड बनेगा। रोड का निर्माण हाईब्रिड वार्षिकी पद्धति पर पेव्ड शोल्डर के साथ किया जाएगा।
रोड की डिजाइन इस तरह प्लान की है कि दुर्घटना की गूंजाइश शून्य हो।
योजना अंतर्गत पहले चरण में दोनों शहर की तरफ 14-14 किलोमीटर लंबी रोड बनाई जाएगी।
इस तरह मार्ग कुल 25 मीटर चौड़ा हो जाएगा। अभी साढ़े आठ मीटर की दो चौड़ी सड़कें है। यानी मार्ग की चौड़ाई कुल 17 मीटर है। सिविल वर्क के लिए 735 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी द्वारा निर्माण कार्य 15 प्रतिशत बिलो रेट पर 623 करोड़ में लिए जाने से सरकार को सीधे 112 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
सिक्सलेन पर सफर करने की सुविधा सिंहस्थ- 2028 से पहले मिलेगी। यानी मार्ग 2027 में बनकर तैयार हो जाएगा।
बता दे कि उज्जैन-इंदौर रोड पर लगातार यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए मध्यप्रदेश मंत्री मंडल ने सिक्सलेन की कार्य योजना 20 फरवरी 2024 को मंजूर की थी। तब कहा था कि अगले तीन माह में ठेकेदार का चयन कर दो वर्ष में सिक्स लेन बनवा लिया जाएगा।
मार्ग में सड़क सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे और सभी जंक्शन का सुधार कराया जाएगा। 15 साल के आपरेशन-मेंटनेंस के साथ सड़क निर्माण के लिए 1692 करोड़ रुपये की विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) स्वीकृति की थी। कहा गया था कि सिविल वर्क पर 735 करोड़ 36 लाख रुपये रुपये खर्च किए जाएंगे। शेष राशि भूमि अधिग्रहण, सड़क सुरक्षा के उपाय और सभी जंक्शन के सुधार पर अगले चरण में खर्च की जाएगी।

 

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