डिंडौरी। सीएम राइज स्कूल (सांदीपनि विद्यालय) शहपुरा में करियर गाइडेंस शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य हायर सेकंडरी में अध्ययनरत छात्राओं को भविष्य की विविध संभावनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में छात्राओं की उपस्थिति उत्साह और जिज्ञासा से भरी दिखाई दी, मानो हर मन यह जानने को तैयार था कि पढ़ाई के बाद दुनिया के कौन-कौन से दरवाज़े खुल सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य पारवानी थे, जिन्होंने वित्तीय जगत के बहुआयामी पक्षों को छात्राओं के सामने सरल भाषा में रखा।
उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र के वर्तमान स्वरूप, उसकी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया, आवश्यक कौशल और उसमें उपलब्ध कैरियर सीढ़ियों के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने अकाउंटिंग क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं, डिजिटल फाइनेंस, जीएसटी और कॉरपोरेट अकाउंटिंग जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला।
सीए पारवानी ने छात्राओं को सीए परीक्षा की संरचना, तीनों स्तरोंकृफाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनलकृके कठिनाई स्तर, तैयारी की रणनीति, समय प्रबंधन और अनुशासन के महत्व के बारे में भी विस्तारपूर्वक समझाया।
छात्राओं ने उनसे कई प्रश्न पूछे। कुछ बैंकिंग के वेतनमान पर, कुछ सीए की पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों पर, और कुछ इस बात पर कि विज्ञान या कला विषय से आने वाले छात्र इनमें कैसे प्रवेश पा सकते हैं।
चार्टर्ड अकाउंटेंट पारवानी ने प्रत्येक प्रश्न का धैर्य और स्पष्टता से उत्तर दिया।
इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य यशवंत कुमार साहू, जनशिक्षक अश्वनी कुमार साहू और शिक्षक श्याम झारिया सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।
प्राचार्य यशवंत कुमार साहू ने कहा कि इस प्रकार के मार्गदर्शन शिविर छात्राओं के लिए दिशा-निर्देशक दीपक की तरह काम करते है। क्योंकि, ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में कई बार प्रतिभा तो प्रचुर मात्रा में होती है, परंतु जानकारी के अभाव में उसका पूरा उपयोग नहीं हो पाता।
कार्यक्रम के दौरान कई छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि उन्हें पहली बार यह समझ आया कि बैंकिंग, अकाउंटिंग और चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसे क्षेत्रों में किस प्रकार अवसर मौजूद हैं।
शिविर का वातावरण अंत तक सीखने, प्रश्न पूछने और भविष्य को बेहतर ढंग से समझने की भावना से भरा रहा।
शिविर के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सीए आदित्य पारवानी का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे, ताकि छात्राएँ समय रहते सही जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।


