जबलपुर। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पर्यावरण हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत पराली जलाने के आरोपी किसानों की पैरवी कोई अधिवक्ता नहीं करेगा। इस संबंध में कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पारित किया है।
हाई कोर्ट बार अध्यक्ष अधिवक्ता धन्य कुमार जैन ने बताया कि भूमि को नुकसान होने से किसान रसायनिक खादों का अधिक प्रयोग करने लगते हैं। इससे फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। हाल ही में पराली जलाने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश का प्रथम स्थान होने का तथ्य रेखांकित हुआ है।

