मुआवजे के लिए किसानों ने अनूठा आंदोलन कर भैंस के आगे बजाई बीन, कहा- ‘जागो सरकार’

DR. SUMIT SENDRAM

बुरहानपुर। जिले की सबसे बड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना ‘पांगरी बांध’ के प्रभावित किसान उचित मुआवजे के लिए बीते तीन वर्षो से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग और सरकार उनकी गुहार नहीं सुन रहे हैं। इसके चलते किसान तरह-तरह के अनूठे प्रदर्शन कर सरकार को नींद से जगाने का प्रयास कर रहे हैं।
रविवार को डॉ. रवि पटेल के नेतृत्व में किसानों ने एक बार फिर अनूठा आंदोलन किया।
इस दौरान किसानो ने उतावली नदी के तट पर भैंसें बांधीं और उनके सामने बीन बजाई।
किसानों ने कहा कि उनकी स्थिति भी कुछ इसी तरह की है, वे लगातार सरकार से अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, “सरकार अब तो जागो और किसानों की मांग पूरी करो।”
इससे पूर्व 31 दिसंबर को भी बड़ी संख्या में किसानों ने एसडीएम नेपानगर के कार्यालय पहुंचकर ‘हल्ला बोल’ आंदोलन किया था। वही, किसान शीर्षासन, पत्थर खाओ और भ्रष्टाचार की मटकी फोड़ने जैसे कई अनूठे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
डॉ. रवि पटेल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की कीमत का दोगुना मुआवजा और अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है। इस गणना के अनुसार, किसान प्रति हेक्टेयर कम से कम 25 लाख रुपये देने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में आदिवासी किसानों का शोषण किया जा रहा है और जब तक न्याय नहीं मिल जाता, वे संघर्ष करते रहेंगे।
आंदोलन में नंदू पटेल, मान्या भिलावेकर, शुमला, मंसाराम, माधो नाटो, बद्री वास्कले, श्रीराम, सालिकराम भिलावेकर, संजय चौकसे सहित अन्य किसान शामिल रहे।

 

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