जबलपुर। जनजाति कार्य विभाग के उपायुक्त जगदीश सरवटे के घर पर ईओडब्ल्यू ने छापेमारी कार्रवाई को अंजाम दिया।
बुधवार को ईओडब्ल्यू ने उपायुक्त जगदीश सरवटे के आधारताल स्थित बंगले में छापा मारा। इस दौरान ईओडब्ल्यू ने बाघ की खाल बरामद की। यह खाल लगभग 30 साल पुरानी बताई जा रही है, इसका उपयोग बैठने के लिए किया जाता था।
इसके बाद वन विभाग ने वन प्राणी अधिनियम 1972 के तहत खाल जब्त कर मामला दर्ज किया है।
बता दे कि एक दिन पूर्व मंगलवार को ईओडब्ल्यू को 5 करोड़ 89 लाख 95 हजार 624 रुपए की अनुपातहीन संपत्ति सरवटे के ठिकानों से मिली थी।
जांच एजेंसी की टीम बुधवार को भी आधारताल और रामपुर स्थित उनके आवासों पर सर्चिग में जुटी रही। जबकि, करमचंद चौक स्थित बैंक लॉकरों की भी तलाशी ली जा रही है।
बुधवार को ईओडब्ल्यू को जगदीश सरवटे के बंगले में कार्यवाही के दौरान एक बाघ की खाल मिली, जिसकी सूचना तत्काल जबलपुर वन विभाग को दी गई।
डीएफओ ऋषि शुक्ला ने बताया कि बरामद की गई खाल लगभग 30 वर्ष पुरानी, जिसकी कीमत का आकलन फिलहाल नहीं किया जा सका है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इसे बैठने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
वही, वन विभाग अब यह जांच करेगा कि यह खाल कहां से लाई गई और किसने दी। इस मामले में जगदीश सरवटे से वन विभाग अलग से पूछताछ करेगा।
गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू को जनजाति कार्य विभाग के उपायुक्त जगदीश सरवटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(बी), 13(2) के तहत मामला दर्ज कर ईओडब्लू ने जांच शुरू की गई थी। 22 जुलाई को ईओडब्ल्यू की टीमों ने जगदीश सरवटे के जबलपुर के शंकरशाह नगर रामपुर स्थित सरकारी आवास, आधारताल स्थित पैतृक मकान और भोपाल के बाग मुगलिया में एक साथ छापे मारे। वही, सागर स्थित शासकीय आवास की तलाशी सागर ईओडब्ल्यू की टीम द्वारा की गई।
अब तक की जांच में जगदीश सरवटे के पास से लगभग 5.89 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति उजागर हो चुकी है, जिसमें नगदी, प्रॉपर्टी, निवेश और कीमती सामान शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैंक लॉकरों में भी और संपत्ति छिपे होने की आशंका है, जिनकी तलाशी अभी जारी है।
बता दें कि जगदीश सरवटे ने अपनी सेवा का बड़ा हिस्सा जबलपुर में ही बिताया है। कुछ समय पूर्व ही उनका तबादला सागर हुआ था। वर्तमान में वे जनजाति कार्य विभाग में डिप्टी कमिश्नर पद पर कार्यरत हैं और जबलपुर के परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।


