भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को प्रदेश की मोहन सरकार ने 19,287 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद में 8,934 करोड़ रुपए और पूंजीगत मद में 10,353 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने इसे चालू वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं और प्राथमिक परियोजनाओं को गति देने के लिए जरूरी बताया।
ये अनुपूरक बजट सरकार ने मध्यप्रदेश विधानसभा में 16 फरवरी से शुरू हुए बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन पेश किया है।
सबसे बड़ा आवंटन 4,700 करोड़ रुपए का नर्मदा घाटी विकास विभाग को दिया गया है। यह राशि मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और लंबित कार्यों को पूरा करने पर खर्च की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इससे कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा और सिंचाई क्षमता में भी वृद्धि होगी।
ऊर्जा विभाग की कंपनियों को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,630 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
यह राशी विद्युत वितरण और उत्पादन से जुड़ी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी।
वहीं, स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 1,569 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जिससे नगरीय और ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व में लिए गए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए भी 1,650 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इससे साफ है कि बजट का एक बड़ा हिस्सा वित्तीय दायित्वों के निर्वहन पर भी केंद्रित है।


