जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के बहुचर्चित हाई प्रोफाइल धोखाधड़ी के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी बानो बेगम निवासी गुजराती कॉलोनी, संजीवनी नगर जबलपुर को जमानत देने से इंकार कर दिया।
मामले में न्यायमूर्ति एके पालीवाल ने कहा कि अपराध की प्रकृति और बैंक ट्रांजैक्शन को देखते हुए जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
वही, आवेदिका की ओर से दलील दी गई कि वह 9 जुलाई से जेल में है। उस पर आरोप है कि उसने शुभ मोटर्स से करीब एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। जांच के बाद चार्जशीट पेश हो चुकी है। उसके बैंक एकाउंट में शुभ मोटर्स से केवल 2 लाख 22 हजार रुपए क्रेडिट हुए हैं।
शासन व आपत्तिकर्ता के तरफ से दलील दी गई कि आवेदिका के दामाद सोहिब, बेटे अफसर व अन्य के एकाउंट से कुल 11 लाख 14 हजार रुपए बानो के एकाउंट में ट्रांसफर हुए। 06 मार्च से 24 मई के बीच करीब 54 लाख का ट्रांजैक्शन हुआ है।
आपत्तिकर्ता के तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने तर्क दिया कि यह गबन बड़े ही शातिराना अंदाज में किया गया। पूरा ट्रांजैक्शन बैंक के माध्यम से किया गया। इसकी राशि की वसूली धोखाधड़ी की मास्टरमाइंड बानो बेगम व अन्य का मकान नीलाम कर की जाए।
वही, शासन के तरफ से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा, शासकीय अधिवक्ता गीतेश ठाकुर व प्रवीण नामदेव ने जमानत का विरोध किया।
दोनों पक्षो की दलीले सुनने के बाद न्यायमूर्ति एके पालीवाल की एकलपीठ ने आरोपी बानो बेगम की जमानत याचिका खारिज कर दी।

